हम अकोला न्यूज़ से उन आवाज़ों की तरफ़ से जो पशुओं की भी पीड़ा समझते हैं।
तारीख़ 29 जून 2025 की सुबह-सुबह, जब देश की अधिकांश जनता नींद में थी, तब महाराष्ट्र के अकोला ज़िले के बार्शीटाकळी पुलिस स्टेशन की टीम ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक गुप्त सूचना पर निकली। खबर थी कि कुरेशीपुरा के शेख आरिफ अ. अज़ीज़ के घर के ओसारे में दो निर्दोष गोवंश क़त्ल के इंतज़ार में आखिरी सांसें गिन रहे हैं।
सुबह 5:45 बजे पुलिस मौके पर पहुँची। दो पंचों की मौजूदगी में मंजर ऐसा था जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है — दो बैल, तंग रस्सियों से बाँधे हुए, निरीह और डरे हुए। साथ ही लगभग 10 किलो गोमांस भी बरामद हुआ। कुल बरामदगी: ₹77,000 की।
इन बेजुबानों को ज़िंदा बचा लिया गया। अब इन्हें भेजा जाएगा ‘आदर्श गोसेवा संस्थान’, जहाँ शायद ये सुकून की साँस लेंगे। जप्त मांस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ गोवंश संरक्षण अधिनियम, क्रूरता अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू है।
इस कार्रवाई के नायक हैं — एसपी अर्चित चांडक, अपर एसपी अभय डोंगरे, डीएसपी अनमोल मित्तल और निरीक्षक प्रवीण धुमाळ। साथ में फ्रंटलाइन पर थे PSI सुहास गोसावी, कॉन्स्टेबल अमोल हाके, प्रविण महस्के और महिला कॉन्स्टेबल विशाखा घायल।
