यह कहानी सिर्फ एक स्कूल की उपलब्धि नहीं, अकोला के सपनों की ऊँचाई है। जब किसी गली-मोहल्ले से निकली एक बच्ची विज्ञान की भाषा में दुनिया को नया सवाल देती है, तभी पता चलता है कि शिक्षा का असली काम क्या है—संभावनाओं को खोलना।
गंगानगर स्थित मॉडर्न इंग्लिश हाई स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा खुशबू आलिया आसिफ खान ने यही कर दिखाया। उनका साइंस प्रोजेक्ट “व्हीलचेयर विथ टेलीकम्युनिकेशन व्हील” न सिर्फ कल्पना का विस्तार है, बल्कि दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद भी है। और यही वजह है कि उनका चयन डिस्ट्रिक्ट लेवल इंस्पायर अवॉर्ड में हुआ—जहाँ उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल होकर टॉप-20 में स्थान हासिल किया।

खुशबू ने विज्ञान शिक्षक महेश जंजाळ और शेख जुनेद के मार्गदर्शन में वह मॉडल तैयार किया, जिसका डेमोंसट्रेशन जूरी को भी प्रभावित कर गया। प्रमाण पत्र सिर्फ एक कागज नहीं, उनके संघर्ष और मेहनत की मुहर है।
संस्था अध्यक्ष एम.बी.एल. अरब, वित्त संचालिका डॉ. कनीज़ आयशा अरब, स्कूल काउंसलर डॉ. मारिया इरम, और स्कूल के सीईओ अज़मत अली देशमुख ने छात्रा व शिक्षकों को बधाई दी। मुख्य अध्यापिका से लेकर प्रत्येक शिक्षक—शबाना आसिफ शेख, निखत फरहीन, मोहम्मद सलीम, महेवश सैयद और अन्य—सबके चेहरे पर वही गर्व था, जो किसी परिवार में पहली सफलता पर दिखता है।
खुशबू ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और स्कूल को दिया।
अकोला की धरती पर ऐसे ही किस्से जब लिखे जाते हैं, तो शहर की विज्ञान-संस्कृति एक कदम और आगे बढ़ जाती है। यही उम्मीद है, और यही अकोला न्यूज़ की जिम्मेदारी—इन सफलताओं को हर घर तक पहुँचाना।
